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શિવ લિંગાષ્ટક સ્ત્રોત

Dharm Desk, Ahmedabad | Feb 13, 2015, 19:12 PM IST

  • શિવ લિંગાષ્ટક સ્ત્રોત,  mantra news in gujarati
શિવ લિંગાષ્ટક સ્ત્રોત:-

ब्रह्म मुरारी सुरार्चित लिङ्गं निर्मल भाषित शोभित लिङ्गं।
जनमज दुख विनाशक लिङ्गं तत्प्रनमामि सदाशिव लिङ्गं।। 1।।

देव मुनि प्रवरार्चित लिङ्गं कामदहन करुणाकर लिङ्गं।
रावण दर्प विनाशक लिङ्गं तत्प्रनमामि सदाशिव लिङ्गं।। 2।।

सर्व सुगन्ध सुलेपित लिङ्गं बुद्धि विवर्धन कारण लिङ्गं।
सिद्ध सुरासुर वन्दित लिङ्गं तत्प्रनमामि सदा शिव लिङ्गं।। 3।।

कनक महामणि भूषित लिङ्गं पनिपति वेष्ठित शोभित लिङ्गं ।
दक्ष सुयज्ञ विनाशन लिङ्गं तत्प्रनमामि सदा शिव लिङ्गं।। 4।।

कुंकुम चन्दन लेपित लिङ्गं पङ्कज हार सुशोभित लिङ्गं।
संचित पाप विनाशन लिङ्गं तत् प्रणमामि सदा शिव लिङ्गं।। 5।।

देव गनार्चित सेवित लिङ्गं भावैर्भक्ति भिरेवच लिङ्गं।
दिनकर कोटि प्रभाकर लिङ्गं तत्प्रनमानि सदा शिव लिङ्गं।। 6।।

अश्तदलोपरि वेष्टित लिङ्गं सर्व समुद्भव कारण लिङ्गं।
अष्ट दरिद्र विनाशन लिङ्गं तत् प्रणमामि सदा शिव लिङ्गं।। 7।।

सुरगुरु सुरवर पूजित लिङ्गं सुरवण पुष्प सदार्चित लिङ्गं
सर्व परम परमात्मक लिङ्गं तत् प्रणमामि सदा शिव लिङ्गं।। 8।।

लिङ्गाष्टक मिदं पुण्यं यः पठेत शिव संनिधौ।
शिव लोक म वाप्नोति शिवेन सह मोदते सः।।
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Web Title: Lord Shiv Strotra
(News in Gujarati from Divya Bhaskar)

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